दीवाली पर पहली बार लक्ष्मी पूजा कर रहे हैं? ऐसे करें पूरी तैयारी
अगर आप इस साल घर पर पहली बार दिवाली पर लक्ष्मी पूजा करने जा रहे हैं, तो मन में थोड़ा डर और ढेरों सवाल होना बहुत स्वाभाविक है। कहीं हमसे कोई गलती न हो जाए, पूजा की सही विधि क्या होगी और दीपक कहां रखें, ऐसे कई सवाल आपको परेशान कर रहे होंगे। आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि मां लक्ष्मी भाव देखती हैं और सरल मन से की गई पूजा हमेशा स्वीकार होती है।
संक्षेप में कहें तो, पहली बार पूजा करते समय साफ-सफाई, सही दिशा में कलश स्थापना और दीप प्रज्वलन का खास ध्यान रखें। आइए जानते हैं कि इस खास दिन की तैयारी आपको कैसे करनी चाहिए।
घर की सफाई और पूजा की मुख्य तैयारी

दीपावली के दिन माता लक्ष्मी का स्वागत करने से पहले घर का कोना-कोना चमक रहा होना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि गंदगी वाली जगह पर मां लक्ष्मी का वास नहीं होता, इसलिए पूजा से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई कर लें। पूजा के स्थान को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें और वहां एक साफ चौकी बिछाएं।
चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर को इस तरह रखें कि उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। इसके साथ ही, दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की पूरी सामग्री सूची: पूजा से पहले क्या-क्या तैयार रखें? को देखकर अपनी सारी सामग्री पहले ही इकट्ठा कर लें ताकि पूजा के समय कोई भागदौड़ न हो।
दीपावली का शुभ मुहूर्त और समय
सही समय पर पूजा करना बहुत जरूरी माना जाता है, इसलिए प्रदोष काल और निशीथ काल का ध्यान रखना अच्छा रहता है। इस साल दिवाली लक्ष्मीपूजन में ऐसे करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न। के नियमों को ध्यान में रखते हुए पंचांग के अनुसार मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:
| त्योहार / पूजा का नाम | तारीख (2026) | मुख्य तिथि / समय |
|---|---|---|
| धनतेरस | 6 नवंबर 2026 | प्रदोष काल: 17:45 से 20:09 |
| दीपावली (लक्ष्मी पूजन) | 8 नवंबर 2026 | प्रदोष काल: 17:44 से 20:08 |
| भाई दूज | 11 नवंबर 2026 | शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय) |
नोट: स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
दीपक कहां रखें और प्रज्वलित कैसे करें?
पूजा के समय सबसे पहला दीपक घी का होना चाहिए जो भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के सामने अखंड रूप से जले। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार, खिड़कियों और आंगन में मिट्टी के दीये रखने चाहिए।
दीपक रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि मुख्य द्वार के दोनों तरफ एक-एक दीपक जरूर रखा जाए, जिसे मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग माना जाता है। तुलसी के पास, रसोई घर में और तिजोरी के नजदीक भी एक-एक दीपक रखना बहुत शुभ माना जाता है। दीये जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उनकी लौ बुझे नहीं और वे सुरक्षित जगह पर रखे हों।
सरल लक्ष्मी पूजा विधि और भोग अर्पण

पूजा की शुरुआत सबसे पहले गणेश जी के पूजन से करें क्योंकि किसी भी शुभ कार्य में उनकी पूजा पहले होती है। इसके बाद मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, कलावा, धूप, दीप और फूल अर्पित करें। दिवाली के लक्ष्मी पूजन से धनवान कैसे बने? इस लेख में बताए गए तरीकों के अनुसार माता को कमल का फूल या गेंदे के फूल की माला अर्पित करना बहुत प्रिय माना जाता है।
मां को भोग में खीर, बताशे, मखाने और मिठाई का प्रसाद चढ़ाएं। अंत में श्रद्धा भाव से आरती करें और परिवार के सभी लोगों में प्रसाद बांटें। पूजा के बाद घर के सभी कमरों में थोड़ा-थोड़ा शंख बजाएं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
FAQ
क्या पहली बार पूजा करते समय कोई खास मंत्र बोलना जरूरी है?
नहीं, अगर आपको बड़े मंत्र नहीं आते हैं तो आप केवल श्रद्धा से ‘ॐ महालक्ष्म्यै नमः’ का जाप कर सकते हैं। भाव सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
क्या पूजा के समय परिवार का होना जरूरी है?
हाँ, यदि संभव हो तो परिवार के सभी सदस्यों को साथ बैठकर पूजा करनी चाहिए। इससे घर में एकता और सकारात्मक माहौल बनता है।
पूजा के बाद दीपक का क्या करें?
जो मुख्य दीपक आपने भगवान के सामने जलाया है, कोशिश करें कि वह सुबह तक जले या कम से कम काफी देर तक सुरक्षित रहे। बाकी दीये अपने आप शांत होने दें।
इस विषय पर और लेख पढ़ें: त्यौहार
